अमेरिका में फिर गूंजेगा परमाणु धमाका? ट्रंप ने दी टेस्टिंग दोबारा शुरू करने की मंजूरी

जब पूरी दुनिया शांति की बातें कर रही है, तब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने वैश्विक हलकों में चिंता बढ़ा दी है।
ट्रंप ने गुरुवार को रक्षा मंत्रालय (Department of War) को निर्देश दिया है कि वह परमाणु परीक्षण (Nuclear Testing) दोबारा शुरू करे।
यह आदेश ऐसे समय में आया है जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ट्रंप की यूक्रेन से जुड़ी पीस डील लगभग असफल हो चुकी है।


ट्रंप बोले – बराबरी बनाए रखना ज़रूरी

ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट पर लिखा, “दूसरे देशों के लगातार परमाणु परीक्षण को देखते हुए मैंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को निर्देश दिया है कि अमेरिका भी तुरंत टेस्टिंग शुरू करे, ताकि हम बराबरी पर रहें।”
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास अभी सबसे ज्यादा न्यूक्लियर हथियार हैं, लेकिन चीन अगले पांच साल में बराबर की स्थिति में आ सकता है।
गौर करने वाली बात यह है कि ट्रंप प्रशासन अब रक्षा विभाग को ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ कह रहा है, जो किसी संभावित टकराव की ओर इशारा करता है।


परमाणु परीक्षण क्या होता है?

परमाणु परीक्षण यानी किसी न्यूक्लियर हथियार की ताकत और असर की जांच
पहले अमेरिका, रूस और अन्य देशों ने खुले इलाकों, समुद्र और रेगिस्तानों में टेस्ट किए थे। लेकिन रेडिएशन फैलने और लोगों के बीमार पड़ने के बाद 1963 में Partial Test Ban Treaty बनी, जिसने इन परीक्षणों को सीमित किया।
बाद में Comprehensive Nuclear Test Ban Treaty (CTBT) आई, जिसमें परीक्षण पूरी तरह रोकने का निर्णय हुआ।


अमेरिका ने समझौते को पूरी तरह नहीं माना

अमेरिका ने 1996 में CTBT पर हस्ताक्षर तो किए, लेकिन संसद से इसे मंजूरी नहीं दी।
इसका मतलब है कि अमेरिका कानूनी रूप से इस संधि को मानने के लिए बाध्य नहीं है। वह कभी भी टेस्टिंग दोबारा शुरू कर सकता है।
रूस ने भी पहले इस संधि को मंजूरी दी थी, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद उसने अपनी मंजूरी वापस ले ली, जिससे अब दोनों देशों के लिए रास्ता खुल गया है।


क्या फिर शुरू होगी हथियारों की होड़?

इतिहास गवाह है कि जब एक देश परमाणु परीक्षण करता है, तो बाकी देश भी पीछे नहीं रहते।
अमेरिका के पहले परीक्षण के बाद सोवियत संघ, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत और पाकिस्तान ने भी परमाणु बम बनाए।
SIPRI की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में फिर से परमाणु हथियारों की दौड़ (Arms Race) शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।


बढ़ सकता है परमाणु खतरा

ईरान पहले ही परमाणु अप्रसार संधि से बाहर निकलने की धमकी दे चुका है, और कई देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।
ऐसे में ट्रंप का यह फैसला आने वाले समय में वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
अगर अमेरिका ने सच में परीक्षण शुरू कर दिया, तो यह न सिर्फ रूस, बल्कि पूरी दुनिया को नए परमाणु संकट की ओर धकेल सकता है।

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