केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) में किए गए हालिया बदलावों को लेकर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इन बदलावों पर चर्चा और विरोध दर्ज कराने के लिए पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसे राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंजूरी दे दी है। यह विशेष सत्र 30 दिसंबर को आयोजित होगा।
राज्य सरकार के अनुसार, यह सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा और इसमें MGNREGA योजना में किए गए संशोधनों के असर पर विस्तार से विचार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब और मजदूर वर्ग के हित प्रभावित हो सकते हैं।
वित्त मंत्री ने जताई चिंता
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य सरकार को योजना के नाम बदलने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसमें किए गए अन्य बदलाव चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नए प्रावधानों से गरीबों के अधिकार सीमित हो सकते हैं और रोजगार की गारंटी पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि इसी वजह से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला लिया गया है, ताकि इस अहम मुद्दे पर सभी विधायकों के साथ खुलकर चर्चा की जा सके और पंजाब का पक्ष मजबूती से रखा जाए।
विधानसभा में उठेगा मजदूरों का मुद्दा
सरकार का कहना है कि MGNREGA ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इससे लाखों परिवारों को रोजगार मिलता है। ऐसे में किसी भी बदलाव से पहले राज्यों से सलाह जरूरी है। विशेष सत्र में इस योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बहस होगी और जरूरत पड़ी तो प्रस्ताव भी लाए जा सकते हैं।
राजनीतिक रूप से अहम सत्र
MGNREGA को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच मतभेद पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे में 30 दिसंबर को होने वाला यह विशेष सत्र राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद पंजाब सरकार केंद्र सरकार के सामने अपनी आपत्तियों को औपचारिक रूप से रखेगी।