हरिके पत्तण सैंक्चुअरी में विदेशी पक्षियों की आगमन शुरू

हर साल नवंबर में सर्दियों की शुरुआत के साथ हरिके पत्तण अंतरराष्ट्रीय पक्षी संरक्षित क्षेत्र में विदेशी पक्षियों की आमद शुरू हो जाती है। इस साल हल्की ठंड के कारण यह आगमन चार दिन पहले शुरू हो गया, जिससे प्रकृति प्रेमियों और सैलानियों के लिए खुशी की लहर दौड़ गई।

खूबसूरत विदेशी पक्षियों ने बढ़ाया आकर्षण

सैंक्चुअरी में इस समय लिटिल ग्रे, हैडेड गीज़, गडवाल, शैफ्टेड डक, कॉमन पोरक्युपाइन, सिट्रीन वेगटेल और शोवेलर जैसी प्रजातियां दिखाई दे रही हैं। आने वाले दिनों में और भी हजारों विदेशी पक्षियों के आने की उम्मीद है, जिससे सैलानियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।

संरक्षित क्षेत्र और आंकड़े

हरिके पत्तण सैंक्चुअरी 86 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और यह तरणतारन, फिरोजपुर और कपूरथला जिलों के कुछ हिस्सों में स्थित है। आमतौर पर नवंबर में विदेशी पक्षियों की आमद होती है। पिछले कुछ सालों में आंकड़ों के अनुसार, सालाना 67,000 से 92,000 विदेशी पक्षी यहां आते हैं। इस साल हल्की सर्दी के कारण पक्षियों की संख्या थोड़ी कम है।

सैलानियों के लिए सुविधाएं

सर्दियों की छुट्टियों के दौरान, अमृतसर और आसपास के क्षेत्र के सैलानी प्रमुख स्थलों जैसे श्री हरिमंदर साहिब, दुर्गियाना मंदिर और अटारी-वाघा सीमा के साथ-साथ हरिके पत्तण सैंक्चुअरी का भी दौरा करते हैं। सैलानियों की सुविधा के लिए यहां ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। मात्र 20 रुपये फीस देकर सैलानी सैंक्चुअरी में विदेशी पक्षियों के मनोरम दृश्य का आनंद ले सकते हैं।

पर्यटन और प्रकृति का संगम

हरिके पत्तण सैंक्चुअरी न केवल पक्षी प्रेमियों के लिए, बल्कि परिवार और बच्चों के लिए भी आकर्षक स्थल बन गया है। विदेशी पक्षियों के आगमन से प्राकृतिक सौंदर्य और जीव-जंतुओं की विविधता देखने को मिलती है। यह स्थल पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

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