बीते कुछ दिनों से सोना और चांदी की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही थीं। हर दिन मजबूत तेजी के साथ दोनों कीमती धातुएं ऊंचे स्तर पर पहुंच रही थीं। लेकिन गुरुवार को कमोडिटी बाजार में अचानक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशक हैरान रह गए।
खुलते ही चांदी का बड़ा क्रैश
सबसे ज्यादा झटका चांदी की कीमतों में देखने को मिला। बुधवार को 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 3,25,602 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। गुरुवार सुबह जैसे ही बाजार खुला, चांदी सीधे 3,05,753 रुपये प्रति किलो पर आ गई। यानी एक ही झटके में चांदी करीब 19,800 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। हाल के दिनों की जबरदस्त तेजी के बाद यह गिरावट काफी बड़ी मानी जा रही है।
सोना भी नहीं बच पाया
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट आई। बीते तीन दिनों में सोना लगातार नए लाइफ टाइम हाई पर पहुंच रहा था। बुधवार को 5 फरवरी एक्सपायरी वाला सोना 1,52,862 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लेकिन गुरुवार को यह गिरकर 1,48,777 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस तरह सोना करीब 4,085 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट
अब सवाल यह है कि इतनी तेज गिरावट अचानक क्यों आई। बाजार जानकारों के मुताबिक, इसका बड़ा कारण अमेरिका से जुड़ा है। खासतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों को इस गिरावट से जोड़कर देखा जा रहा है।
ट्रंप के बयानों से बदला माहौल
पिछले कुछ दिनों में ट्रंप लगातार टैरिफ को लेकर सख्त बयान दे रहे थे। वे वेनेजुएला, ईरान और ग्रीनलैंड जैसे मुद्दों पर यूरोप को टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे थे। इससे वैश्विक तनाव बढ़ गया था और निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश से पैसा निकालकर सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर भागने लगे थे। इसी वजह से गोल्ड और सिल्वर में तूफानी तेजी देखने को मिली थी।
अब क्यों ठंडी पड़ी टेंशन
हालांकि अब ट्रंप के नए बयानों से वैश्विक तनाव कुछ कम होता नजर आ रहा है। ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने कहा कि ऐसा समझौता किया जाएगा, जिससे अमेरिका और नाटो दोनों संतुष्ट होंगे। इस बयान से यूरोप पर टैरिफ को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हुई है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भी असर
इसके अलावा ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस के बाद भारत और अमेरिका के रिश्तों पर भी सकारात्मक बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच एक बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है। इस बयान का असर शेयर बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट के रूप में दिखा और निवेशकों का रुझान सेफ हेवन से हटने लगा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
वैश्विक तनाव कम होने के संकेत मिलते ही निवेशकों ने सोना-चांदी में मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में अचानक गिरावट आ गई। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे का रुख अब पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय हालात और ट्रंप की नीतियों पर निर्भर करेगा।
आगे क्या करें निवेशक
बाजार जानकारों की सलाह है कि सोना-चांदी में निवेश करने वाले लोग जल्दबाजी से बचें। कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए लंबी अवधि की रणनीति और सतर्क नजर के साथ निवेश करना बेहतर रहेगा।