कांग्रेस पार्टी आज दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित कर रही है। यह प्रदर्शन कथित “वोट चोरी” और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर किया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकार के साथ चुनाव आयोग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र को बचाने के लिए यह आवाज़ उठाना ज़रूरी हो गया है।
कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व मंच पर
रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष राहुल गांधी मुख्य वक्ता होंगे। उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और सचिन पायलट जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी की उपस्थिति की भी संभावना है, जिससे इस प्रदर्शन का राजनीतिक संदेश और मजबूत होगा।
इंदिरा भवन से शुरू होगा जुटान
रैली से पहले कांग्रेस के सभी सांसद और वरिष्ठ नेता पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में इकट्ठा होंगे। दोपहर 12 बजे यहां से सभी नेता और कार्यकर्ता रामलीला मैदान की ओर कूच करेंगे। पार्टी का दावा है कि इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे हैं।
विपक्षी दलों को साथ नहीं बुलाया गया
कांग्रेस ने साफ किया है कि इस रैली में किसी भी अन्य विपक्षी दल को आमंत्रित नहीं किया गया है। पार्टी इसे अपने संगठनात्मक अभियान का हिस्सा बता रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन संसद में उठाए गए मुद्दों को जनता तक ले जाने की कोशिश है।
करोड़ों हस्ताक्षरों के साथ राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी
कांग्रेस का दावा है कि “वोट चोरी” के खिलाफ चलाए गए अभियान में अब तक 5.50 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर जुटाए जा चुके हैं। रैली के बाद पार्टी राष्ट्रपति से समय लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपेगी और इन हस्ताक्षरों को भी राष्ट्रपति भवन में जमा कराया जाएगा।
मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी से बढ़ेगा दबाव
इस प्रदर्शन में गांधी परिवार के तीनों सदस्य, कांग्रेस अध्यक्ष के साथ-साथ पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। कांग्रेस का कहना है कि यह रैली लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है और आगे भी इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रहेगा।