दुबई में World Governments Summit 2026 की शुरुआत, भविष्य की सरकारों पर होगा मंथन

दुबई में 3 से 5 फरवरी तक World Governments Summit 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस साल सम्मेलन की थीम है—“भविष्य की सरकारों को आकार देना।” यह अब तक का सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है, जिसमें दुनिया भर से बड़ी संख्या में नेता, विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हो रहे हैं। अनुमान है कि इस समिट में 6,000 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे, जिनमें 35 से ज्यादा देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, 150 देशों के प्रतिनिधिमंडल और 500 से अधिक मंत्री शामिल हैं।

2013 से शुरू हुआ सफर, अब बना बड़ा मंच
मंत्री मोहम्मद अल गरगावी ने जानकारी देते हुए बताया कि 2013 में शुरू हुआ यह सम्मेलन पहले केवल सरकारी कामकाज को बेहतर बनाने पर केंद्रित था। लेकिन समय के साथ यह एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच में बदल गया है, जहां दुनिया की जटिल चुनौतियों पर चर्चा होती है और उनके समाधान तलाशे जाते हैं।

कई बड़े वैश्विक नेता होंगे मौजूद
इस बार सम्मेलन में कई प्रमुख देशों के शीर्ष नेता भाग लेंगे। पुष्टि किए गए नामों में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन, इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस और उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा शामिल हैं। इसके अलावा स्पेन, अल्बानिया, जॉर्जिया, मिस्र और भूटान सहित कई देशों के प्रधानमंत्री भी सम्मेलन में शामिल होने वाले हैं।

सैकड़ों सत्रों में अहम मुद्दों पर चर्चा
2026 के एजेंडे में 24 विशेष वैश्विक मंच, 35 से ज्यादा मंत्री-स्तरीय बैठकें और 320 से अधिक सत्र रखे गए हैं। इन सत्रों में 450 से ज्यादा वैश्विक हस्तियां भाग लेंगी। चर्चाओं का केंद्र शासन व्यवस्था, नई तकनीक, विमानन, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, वैश्विक व्यापार, निवेश और भविष्य के उभरते उद्योग होंगे।

100 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय संस्थान एक मंच पर
इस शिखर सम्मेलन में IMF, OECD, IFC, विश्व बैंक, ओपेक फंड और खाड़ी सहयोग परिषद जैसे 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठन भी शामिल हो रहे हैं। इनके वरिष्ठ नेता रणनीतिक बैठकों में भाग लेकर आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण, शहरी प्रगति और निवेश जैसे विषयों पर विचार साझा करेंगे। सम्मेलन के दौरान 36 रणनीतिक रिपोर्ट भी जारी की जाएंगी, जिनका उद्देश्य सरकारों को नीतिगत फैसलों में मार्गदर्शन देना है।

भारतीय एंकर्स करेंगे सत्रों का संचालन
समिट के दौरान इंडिया टुडे के एंकर्स भी अहम भूमिका निभाएंगे। 4 फरवरी को गीता मोहन एक सत्र का संचालन करेंगी, जबकि 5 फरवरी को अंजना ओम कश्यप, मारिया शकील और सिद्धार्थ ज़राबी अलग-अलग विषयों पर चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगे। इन सत्रों में व्यापार, डिजिटल लाइफस्टाइल और नई अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी।

बेहतरीन काम के लिए दिए जाएंगे ग्लोबल अवॉर्ड्स
सम्मेलन में सरकारी सेवाओं और जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को चार बड़े ग्लोबल अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जाएगा। ये पुरस्कार इनोवेशन, सुधार, सस्टेनेबिलिटी और शिक्षा में शानदार नेतृत्व के लिए दिए जाएंगे। यह समिट दुनियाभर की सरकारों को एक साथ लाकर बेहतर भविष्य की दिशा तय करने का प्रयास है।

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