जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप वितरण की शुरुआत की। इस योजना के तहत 2.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों को 271 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल ‘रंगला पंजाब’ मिशन के तहत सरकार की उस सोच को दिखाती है, जिसमें बच्चों के भविष्य को सबसे ऊपर रखा गया है।
राजनीति नहीं, नौजवानों का भविष्य प्राथमिक
सीएम मान ने कहा कि पहले की सरकारें सत्ता में रहते हुए अपने परिवारों के हित साधती रहीं, जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब के नौजवानों और विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने पर काम कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि शिक्षा में निवेश ही समाज को आगे बढ़ाने का असली रास्ता है।
35 प्रतिशत बढ़े लाभार्थी, सुधारों का असर
मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2020-21 की तुलना में 2024-25 में स्कॉलरशिप पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी शिक्षा सुधारों और पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्कॉलरशिप सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का जरिया है, जिससे विद्यार्थी बिना रुकावट पढ़ाई पूरी कर सकें।
पुरानी समस्याओं को किया दुरुस्त
सीएम मान ने कहा कि पहले फंड जारी करने में देरी और दुरुपयोग के कारण कई विद्यार्थी परीक्षाओं में नहीं बैठ पाते थे। सरकार ने जानबूझकर अनदेखी किए गए सिस्टम को ठीक करने का बड़ा प्रयास किया है, ताकि किसी भी छात्र को पढ़ाई बीच में न छोड़नी पड़े।
शिक्षा से सशक्तिकरण का संदेश
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कार्यक्रम की झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जरूरतमंद परिवारों के बच्चे भी उच्च शिक्षा हासिल कर सकें। कोई भी बच्चा सिर्फ पैसों की कमी के कारण अपने सपनों से समझौता न करे, यही सरकार की कोशिश है।
2017-2020 का दौर और घोटाले का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से 2020 के बीच यह स्कीम लगभग ठप हो गई थी, जिससे कई शिक्षण संस्थानों ने विद्यार्थियों की डिग्रियां तक रोक ली थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय हुए घोटाले से अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को भारी नुकसान पहुंचा और उनके अधिकार छीने गए।
कमजोर वर्गों के लिए शिक्षा ही रास्ता
सीएम मान ने जोर देकर कहा कि कमजोर और पिछड़े वर्गों की किस्मत बदलने का एकमात्र रास्ता शिक्षा है। पिछली सरकारों ने इन वर्गों को किताबों से दूर रखा, लेकिन मौजूदा सरकार उन्हें आगे बढ़ने का मौका दे रही है। उन्होंने माता-पिता की मेहनत और कुर्बानियों की भी सराहना की।
सामाजिक असमानता खत्म करने की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना सामाजिक न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाती है और बाबा साहिब अंबेडकर के विचारों से प्रेरित है। यह स्कीम 2.50 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले परिवारों के लिए है और इसे पूरे पंजाब में पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है।
पंजाब शिक्षा में नई मिसाल
सीएम मान ने बताया कि पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे में केरल को भी पीछे छोड़ा है। सरकारी स्कूलों में अब आधुनिक सुविधाएं हैं और विद्यार्थियों को नीट, जेईई, क्लैट और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व राज्य भर में बड़े स्तर पर मनाया जाएगा, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को और मजबूती मिलेगी।