भारत सरकार ने पूरे देश में एडवांस टेक्नॉलॉजी से लैस ई-पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह नया पासपोर्ट सुरक्षा के लिहाज से पहले से कहीं ज्यादा मजबूत माना जा रहा है। इसमें लगाई गई RFID चिप, डिजिटल सिग्नेचर और बायोमेट्रिक डिटेल्स इसे हाई-सिक्योरिटी डॉक्यूमेंट बना देती हैं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब से बनने वाले सभी नए पासपोर्ट ई-पासपोर्ट ही होंगे।
❍ कैसे काम करता है ई-पासपोर्ट?
ई-पासपोर्ट देखने में बिल्कुल पुराने पासपोर्ट जैसा ही होगा, लेकिन इसके कवर में एक माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होगी। इस चिप में पासपोर्ट धारक की फोटो, नाम, फिंगरप्रिंट और अन्य व्यक्तिगत विवरण सुरक्षित रहते हैं।
सबसे बड़ी खासियत यह है कि एयरपोर्ट पर मशीन इस चिप को सिर्फ एक सेकंड में पढ़ लेती है, जिससे चेकिंग की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाती है।
चिप में मौजूद डेटा पर डिजिटल सिग्नेचर होता है, जिसे बदला नहीं जा सकता। इससे पासपोर्ट को फर्जी तरीके से कॉपी या बदलना लगभग असंभव हो जाता है।
❍ फर्जीवाड़े पर ब्रेक और तेज इमिग्रेशन
पुराने पासपोर्ट में जानकारी सिर्फ लिखी होती थी, जिसे कई बार बदला भी जा सकता था, लेकिन ई-पासपोर्ट में मशीन किसी भी नकली दस्तावेज को तुरंत पकड़ लेती है।
इसके साथ ही इमिग्रेशन की धीमी प्रक्रिया में भी सुधार होगा। जहां पहले लंबी लाइनें लग जाती थीं, वहीं अब यात्रियों की एंट्री और एक्जिट पहले से कहीं जल्दी पूरी हो सकेगी।
❍ पुराने पासपोर्ट अभी भी मान्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा पासपोर्ट अपनी वैधता अवधि तक पूरी तरह मान्य रहेंगे।
अगर आपने 28 मई 2025 के बाद नया पासपोर्ट बनवाया है या रिन्यू करवाया है, तो आपको स्वचालित रूप से ई-पासपोर्ट ही मिलेगा।
पुराने पासपोर्ट को तुरंत बदलवाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
ई-पासपोर्ट की सुविधा पहले कुछ चुनिंदा शहरों में उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया है। आने वाले महीनों में सभी पासपोर्ट ऑफिस से सिर्फ ई-पासपोर्ट ही जारी किए जाएंगे।
❍ अब तक कितने ई-पासपोर्ट जारी हुए?
विदेश मंत्रालय के अनुसार—
• 80 लाख से अधिक ई-पासपोर्ट अब तक भारत में जारी किए जा चुके हैं
• 60,000 से ज्यादा ई-पासपोर्ट विदेश स्थित भारतीय मिशनों ने जारी किए हैं
इसके साथ ही मंत्रालय देश के हर लोकसभा क्षेत्र में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
अभी तक 511 केंद्र खुल चुके हैं और बाकी क्षेत्रों में भी जल्द केंद्र शुरू किए जाएंगे।
पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम 2.0 के तहत अब पंजीकरण और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया और तेज व आधुनिक होगी। नया सिस्टम AI चैटबॉट, वॉयस बॉट, डिजिलॉकर, आधार और पैन इंटीग्रेशन से लैस होगा, जिससे दस्तावेजों की जांच और भी आसान हो जाएगी।
ई-पासपोर्ट के आने से न सिर्फ यात्रा सुरक्षित होगी, बल्कि समय भी बचेगा और इमिग्रेशन प्रक्रियाएं तकनीक के साथ और बेहतर होंगी।