ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर, ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी वैश्विक चिंता

ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने हालात और तनावपूर्ण बना दिए हैं। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान में हालात ऐसे ही बिगड़ते रहे, तो पूरा देश गंभीर तबाही की ओर जा सकता है। उनके इस बयान के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी और गहराती नजर आ रही है।

ईरान को लेकर ट्रंप की नई चेतावनी
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी तरह की घटना होने पर ईरान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि वे पहले भी चेतावनी दे चुके हैं और अगर हालात काबू से बाहर गए, तो परिणाम बेहद गंभीर होंगे। इस बयान को ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

‘ऑल-आउट वॉर’ पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
ईरान की ओर से ‘पूरी जंग’ की चेतावनी पर ट्रंप ने और तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी हमला हुआ, तो अमेरिका पूरी ताकत से जवाब देगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप पहले भी ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कर चुके हैं, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है।

ईरान की कड़ी पलटवार चेतावनी
ट्रंप के बयानों पर ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता जनरल अबोलफज़ल शेखरची ने कहा कि अगर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई, तो देश पूरी ताकत से जवाब देगा। उन्होंने कहा कि ईरान सिर्फ सीमित प्रतिक्रिया नहीं देगा, बल्कि व्यापक जवाबी कदम उठाएगा।

खामेनेई पर ट्रंप की विवादित टिप्पणी
एक अन्य इंटरव्यू में ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए उन्हें देश को सही तरीके से न चलाने का आरोप लगाया। इस बयान को ईरान ने अपमानजनक बताया और इसे अपनी संप्रभुता पर हमला करार दिया।

ईरान में हालात क्यों हैं गंभीर
ईरान में पिछले कुछ समय से हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। देश के कई हिस्सों में सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं, जो कई बार हिंसक रूप भी ले चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रदर्शन की असली वजह क्या है
ईरान में ये प्रदर्शन दिसंबर के आखिरी हफ्ते में शुरू हुए थे। इसकी मुख्य वजह बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और ईरानी मुद्रा की गिरती कीमत बताई जा रही है। आर्थिक दबाव से परेशान लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार से बदलाव की मांग करने लगे।

सरकार का आरोप और वैश्विक नजर
ईरानी सरकार ने इन प्रदर्शनों के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार का कहना है कि बाहरी ताकतें देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, पूरी दुनिया की नजर इस टकराव पर टिकी है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव मध्य पूर्व ही नहीं, वैश्विक शांति के लिए भी खतरा बन सकता है।

आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बयानबाजी और सख्त होती गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में कूटनीतिक समाधान ही इस संकट से निकलने का सबसे बेहतर रास्ता माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *