संत सीचेवाल की अपील: साल 2026 को नदियों और जल संरक्षण का वर्ष बनाएं

पर्यावरण संरक्षण के लिए लंबे समय से काम कर रहे राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने नए साल 2026 के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही उन्होंने एक अहम अपील करते हुए कहा कि आने वाला साल प्राकृतिक संसाधनों, खासकर नदियों और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए समर्पित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

पंजाब की पहचान नदियों से जुड़ी
संत सीचेवाल ने कहा कि पंजाब का इतिहास और पहचान ‘पंज आब’ यानी पांच नदियों की धरती से जुड़ी हुई है। ये नदियां केवल पानी का जरिया नहीं हैं, बल्कि पंजाब की संस्कृति, सभ्यता और विरासत का आधार भी हैं। उन्होंने अफसोस जताया कि आज यही नदियां प्रदूषण और उपेक्षा का शिकार हो रही हैं।

बुड्ढा नदी की हालत पर चिंता
उन्होंने खास तौर पर बुड्ढा नदी की खराब स्थिति का जिक्र किया। संत सीचेवाल के अनुसार, इस नदी में बढ़ता प्रदूषण अब सिर्फ पंजाब की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों तक पहुंच रहा है। यह स्थिति भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है।

प्रदूषण से पर्यावरण और जीवन पर खतरा
संत सीचेवाल ने कहा कि नदियों में बढ़ती गंदगी और औद्योगिक कचरा पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे न केवल जल संकट बढ़ रहा है, बल्कि जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

गुरु-पीरों की सीख को अपनाने की जरूरत
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नदियों और जल स्रोतों के साथ वही सम्मान और संवेदनशीलता दिखाएं, जो हमारे गुरु और पीर दिखाते थे। उनके लिए नदियां पवित्र थीं और जीवन का आधार मानी जाती थीं। संत सीचेवाल ने कहा कि नदियों को केवल संसाधन न समझकर अपनी धरोहर मानना चाहिए।

जनता की भागीदारी से ही होगा बदलाव
संत सीचेवाल ने कहा कि सरकार के प्रयास तब ही सफल होंगे, जब आम लोग भी इसमें भाग लेंगे। उन्होंने पंजाब के लोगों से नदियों की सफाई और संरक्षण अभियानों से जुड़ने की अपील की। उनके मुताबिक, 2026 एक नई शुरुआत हो सकती है, जब हम अपने प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाएं।

शांति और भाईचारे की कामना
नए साल के संदेश में संत सीचेवाल ने पूरी दुनिया के लिए शांति और एकता की कामना भी की। उन्होंने कहा कि युद्ध और संघर्ष किसी समस्या का समाधान नहीं हैं। सभी देशों को मिलकर शांति, सद्भाव और खुशहाली की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

पर्यावरण संरक्षण की ओर मजबूत संदेश
संत बलबीर सिंह सीचेवाल का यह संदेश पूरे देश के लिए प्रेरणा है। यह याद दिलाता है कि जल और प्रकृति की रक्षा करना सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

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