बटाला में आयोजित एक खास कार्यक्रम के दौरान उस वक्त भावुक पल देखने को मिले, जब लंबे समय से खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को वापस सौंपे गए। बटाला के एसएसपी डॉ. मेहताब सिंह ने स्वयं लोगों को उनके मोबाइल फोन सौंपे। इस कार्यक्रम में कुल 350 मोबाइल फोन लौटाए गए, जिन्हें पाकर लोग बेहद खुश नजर आए।
मोबाइल से ज्यादा अहम होता है उसमें मौजूद डेटा
फोन वापस मिलने पर कई लोगों ने कहा कि मोबाइल की कीमत से कहीं ज्यादा कीमती उसमें मौजूद फोटो, वीडियो, संपर्क नंबर और जरूरी दस्तावेज होते हैं। कई लोगों के लिए ये फोन उनकी निजी और पारिवारिक यादों से जुड़े थे, जो अब दोबारा मिल पाईं। इस पहल ने लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी।
एक साल में 1350 फोन वापस पहुंचाए
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीते एक साल के दौरान बटाला पुलिस ने करीब 1350 खोए हुए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों तक पहुंचाए हैं। इन सभी मोबाइल की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2.6 करोड़ रुपये बताई गई है। इससे पहले भी अलग-अलग चरणों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर फोन लौटाए जा चुके हैं।
साइबर सेल की तकनीकी जांच से मिली सफलता
एसएसपी डॉ. मेहताब सिंह ने बताया कि यह विशेष अभियान बटाला पुलिस की साइबर सेल ने करीब एक साल पहले शुरू किया था। जैसे ही किसी नागरिक की ओर से मोबाइल खोने की शिकायत दर्ज की जाती है, साइबर टीम तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर फोन को ट्रेस करने में जुट जाती है। आधुनिक तकनीक और टीमवर्क के चलते बड़ी संख्या में मोबाइल फोन ढूंढने में सफलता मिली।
दूसरे राज्यों से भी मिले खोए मोबाइल
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कई मोबाइल फोन ऐसे थे, जो दूसरे राज्यों तक पहुंच चुके थे। बावजूद इसके, साइबर सेल और पुलिस की सतर्कता से उन्हें भी बरामद कर लिया गया और उनके असली मालिकों तक पहुंचाया गया।
लोगों की खुशी बनी पुलिस की ताकत
एसएसपी ने कहा कि जब लोग अपने खोए हुए फोन वापस पाकर खुशी जताते हैं, तो वही पुलिस के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत मिल सके।
पुलिस पर बढ़ा लोगों का भरोसा
कार्यक्रम के दौरान मोबाइल पाने वाले लोगों ने बटाला पुलिस और साइबर टीम का आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि इस तरह की पहल से पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास और मजबूत होता है।