पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बुधवार को राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों और एसएसपी के साथ एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक की। इस चर्चा में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा करना था, खासकर तब, जब एक ओर श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी का बड़ा आयोजन आने वाला है और दूसरी ओर दिल्ली में हुए हालिया बम धमाके ने खतरे का स्तर बढ़ा दिया है। इसी कारण पंजाब में पहले से ही रेड अलर्ट घोषित किया जा चुका है।
नगर कीर्तन के लिए विशेष सुरक्षा योजना
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उनके जिलों से होकर गुजरने वाले नगर कीर्तन के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि शांति बनाए रखना हर अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है और पुलिस को भीड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त चौकसी रखनी होगी। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और मौके पर तेज़ प्रतिक्रिया देने के निर्देश भी दिए गए।
पंजाब की सीमा होने का मतलब—ज्यादा सतर्कता
डीजीपी गौरव यादव ने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, इसलिए सुरक्षा चूक का गंभीर असर हो सकता है। उन्होंने बताया कि सीमापार से माहौल बिगाड़ने की कोशिशें हमेशा बनी रहती हैं, इसलिए स्थानीय पुलिस को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत निगरानी रखनी होगी।
दिल्ली धमाके के बाद हाई अलर्ट मोड
दिल्ली में हुए धमाके के बाद पंजाब पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। डीजीपी ने सभी जिलों में अतिरिक्त पेट्रोलिंग, नाके बढ़ाने और रात के समय सख्त चेकिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की अफवाह फैलने न दी जाए और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जनता के साथ करीबी तालमेल रखा जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में पुलिस लगातार सुरक्षा की समीक्षा करेगी और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त फोर्स भी तैनात की जाएगी।