पंजाब सरकार ने राज्य की पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की है कि पशुपालन विभाग में लंबे समय से खाली पड़े 345 वेटरनरी इंस्पेक्टरों के पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। वित्त विभाग ने इस भर्ती प्रक्रिया को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
विभाग के अनुसार, वेटरनरी इंस्पेक्टरों की कुल 2010 स्वीकृत पोस्ट हैं, जिनमें से 345 पद खाली हैं और 1665 इंस्पेक्टर वर्तमान में सेवाएं दे रहे हैं। बढ़ती जिम्मेदारियों और पशु इलाज के मामलों को देखते हुए इन पदों को जल्द भरना बेहद आवश्यक हो गया था।
भर्ती दो चरणों में पूरी होगी
वित्त मंत्री ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया को दो हिस्सों में पूरा किया जाएगा—
- पहले चरण में 150 पद चालू वित्त वर्ष 2025–26 में भरे जाएंगे।
- दूसरे चरण में 195 पद अगले वित्त वर्ष 2026–27 में भरे जाएंगे।
यह फैसला हाल ही में पंजाब स्टेट वेटरनरी इंस्पेक्टर एसोसिएशन के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया, जिसमें राज्य में स्टाफ की कमी और बढ़ते मरीजों के दबाव पर गंभीर चर्चा हुई थी।
पशुपालन विभाग पर बढ़ता दबाव
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पंजाब में 22 वेटरनरी पॉलीक्लीनिक, 1,367 पशु अस्पताल और 1,489 डिस्पेंसरी काम कर रही हैं। इन केंद्रों पर इलाज करवाने के लिए आने वाले पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे मौजूदा स्टाफ पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
सरकार का मानना है कि नए वेटरनरी इंस्पेक्टरों की नियुक्ति से—
- पशु चिकित्सा सेवाएं और तेज़ व प्रभावी होंगी
- ग्रामीण क्षेत्रों में उपचार सुविधाएं और बेहतर तरीके से पहुंचेंगी
- विभाग के विशाल नेटवर्क को आवश्यक मानव संसाधन मिलेगा
- पशुपालकों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा
पशुपालकों के लिए राहत
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इन नियुक्तियों से राज्य में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को “पशुपालकों के हित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय” बताया और कहा कि यह कदम विभाग को मजबूत करने के साथ-साथ पशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करेगा।
सरकार का लक्ष्य है कि राज्यभर में पशु चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक, प्रभावी और सुचारू बनाया जाए, ताकि पशुपालक बिना परेशानी के उपचार सुविधाओं का लाभ ले सकें।