गोवा के अरपोरा क्षेत्र में एक नाइटक्लब में आग लगने की भयानक घटना ने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया है। देर रात हुए इस हादसे में 25 लोगों की जान चली गई और 6 लोग घायल हैं। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्लब के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
मृतकों में कर्मचारी और पर्यटक दोनों, पहचान जारी
गोवा पुलिस ने बताया कि मरने वालों में 14 क्लब कर्मचारी और 4 पर्यटक शामिल हैं, जबकि 7 अन्य लोगों की पहचान अभी की जा रही है। चूंकि आग अचानक भड़की, कई लोग निकल नहीं पाए। इससे मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया।
चोटिल लोगों का इलाज गोवा के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
सीएम सावंत ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने हादसे पर गहरी दुख प्रकट करते हुए कहा कि इस घटना की मजिस्ट्रेट स्तर पर जांच होगी। एक्स पर लिखे अपने संदेश में उन्होंने बताया कि प्रशासन हर पीड़ित परिवार के साथ है और किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम ने यह भी कहा कि घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है और सरकार लगातार स्थिति पर निगरानी रख रही है।
कांग्रेस ने जताया दुख, सुरक्षा को बताया बड़ा मुद्दा
गोवा कांग्रेस प्रभारी माणिकराव ठाकरे ने इस घटना को “झकझोर देने वाला हादसा” बताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत बेहद दुखद है और कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
उन्होंने क्लबों और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों पर सख्ती से अमल करने की जरूरत बताई, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएँ ना हों।
आग की वजह पर सवाल, जांच तेज
फायर डिपार्टमेंट और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी सिलेंडर विस्फोट की ओर इशारा करती है, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि जब तक रिपोर्ट नहीं आती, किसी भी कारण की पुष्टि नहीं की जा सकती।
क्लब को फिलहाल पूरी तरह सील किया गया है और विशेषज्ञों की टीम मौके की बारीकी से जांच कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ली जानकारी, केंद्रीय मुआवजा घोषित
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री से बातचीत कर घटना के हर पहलू की जानकारी ली। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) की ओर से सहायता की घोषणा की गई है।
- मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये
- घायलों को 50 हजार रुपये
केंद्र सरकार ने कहा है कि वो इस कठिन समय में गोवा सरकार और पीड़ित परिवारों के साथ है।
क्लबों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस आग के बाद गोवा की नाइटलाइफ और पर्यटन उद्योग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह जांच का हिस्सा है कि नाइटक्लब में फायर सेफ्टी उपकरण सही से काम कर रहे थे या नहीं, और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोवा में मौजूद कई क्लबों में भीड़ तो बढ़ गई है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम अक्सर कमजोर रहते हैं। यह हादसा उन सभी खामियों को उजागर कर गया है जिन पर अब प्रशासन सख्त कदम उठा सकता है।