पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी अब राज्य की राजनीति को “बिक्री की दुकान” बना चुकी है। मान के अनुसार, कांग्रेस नेता खुले तौर पर मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और यहां तक कि काउंसलर जैसी पदों की कीमतें तय करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रवैया साफ दिखाता है कि कांग्रेस पंजाब की कुर्सियों और उसकी अर्थव्यवस्था तक का सौदा करने पर उतर आई है।
“जनता ने मुझे सेवक बनाया है, न कि व्यापारी”
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब की जनता ने उन्हें सेवा का मौका दिया है और वह राज्य में निवेश और उद्योग वापस लाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा — “जो व्यक्ति 500 करोड़ रुपये देकर मुख्यमंत्री की कुर्सी खरीदेगा, वह पंजाब की भलाई नहीं कर सकता। वह तो सत्ता में आते ही पहले अपनी रकम वसूलने की कोशिश करेगा।”
मान का कहना है कि कांग्रेस द्वारा जारी की गई कथित रेट लिस्ट यह साबित करती है कि पार्टी जनता के हित के लिए नहीं, बल्कि निजी फायदे के लिए राजनीति करती है।
“कांग्रेस नेताओं को पंजाब से ज्यादा अपनी जेब की चिंता”
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ही नहीं, कई पुरानी पार्टियों का एजेंडा सिर्फ सत्ता पाना और उसे पैसे कमाने का माध्यम बनाना है।
उनके मुताबिक, ऐसे नेता पांच साल सत्ता में केवल अपनी कमाई और फायदा बढ़ाने में बिता देते हैं, जबकि जनता उनके एजेंडे में कहीं नहीं होती।
“पंजाब की तरक्की हमारा मिशन है”
मान ने कहा कि उनका लक्ष्य पंजाब को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाना और युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य देना है।
उन्होंने बताया कि वे देश और विदेश में जाकर उद्योगपतियों से मुलाकात कर रहे हैं ताकि पंजाब में नई फैक्ट्रियों, रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाए जा सकें।
मुख्यमंत्री का कहना है कि वे चाहते हैं कि पंजाब के युवा विदेश जाने की मजबूरी से बाहर आएं और अपने राज्य में ही सफल करियर बनाएं।