केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य निवेश बढ़ाना, निर्यात को मजबूती देना और देश के हर वर्ग तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में भी भारत को विकास की रफ्तार बनाए रखनी होगी। इसके लिए सरकार नई नीतियों, टेक्नोलॉजी और सुधारों पर लगातार काम करेगी।
निवेश और उद्योग को बढ़ावा
वित्त मंत्री ने बताया कि देश में नए केमिकल पार्क बनाए जाएंगे, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। शहरों में नए इकोनॉमिक जोन विकसित किए जाएंगे ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके। इसके साथ ही जीएसटी व्यवस्था को और सरल बनाने का भी वादा किया गया है, जिससे कारोबार करना आसान होगा।
इनकम टैक्स और प्रशासनिक सुधार
बजट में यह भी घोषणा की गई कि नया इनकम टैक्स एक्ट इसी साल लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य कर व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और सरल बनाना है, ताकि आम करदाताओं और कारोबारियों को राहत मिल सके। इससे टैक्स अनुपालन बढ़ने की उम्मीद है।
रोजगार सृजन और पर्यटन पर जोर
रोजगार बढ़ाने के लिए पर्यटन उद्योग को खास महत्व दिया गया है। अरुणाचल प्रदेश से त्रिपुरा तक बौद्ध सर्किट विकसित किए जाएंगे, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, पांच पूर्वोत्तर राज्यों में नए पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना है। आईआईएम की मदद से टूरिस्ट गाइड को प्रशिक्षण देने का भी ऐलान किया गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक पहल
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिससे छात्राओं को पढ़ाई में सुविधा मिलेगी। मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक नया संस्थान खोला जाएगा। बुजुर्गों के लिए मजबूत हेल्थ केयर इकोसिस्टम तैयार करने पर भी जोर दिया गया है। दिव्यांगों की मदद के लिए विशेष योजनाएं शुरू की जाएंगी।
सस्ती होंगी कैंसर और शुगर की दवाएं
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि शुगर और कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी। जैविक दवाओं के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। बायोफार्मा सेक्टर के लिए अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिससे देश में आधुनिक दवाओं का निर्माण बढ़ेगा।
टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश
सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। कंटेनर विनिर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपये देने का ऐलान हुआ है। इसके साथ ही 22 नए जलमार्ग और 3 डेडिकेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना है, जिससे परिवहन और व्यापार को गति मिलेगी।
खेल, विज्ञान और संस्कृति को बढ़ावा
खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे। खगोल विज्ञान को प्रोत्साहित करने और 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित करने का भी प्रस्ताव है। मत्स्य पालन को मजबूत करने के लिए 500 जलाशयों का विकास किया जाएगा।
समावेशी विकास की दिशा में कदम
वित्त मंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य एआई और नई तकनीकों का अधिकतम इस्तेमाल कर हर वर्ग तक विकास पहुंचाना है। बजट 2026-27 को एक ऐसे रोडमैप के रूप में पेश किया गया है, जो रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग के जरिए भारत को आगे ले जाने का प्रयास करता है।