केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है और खास बात यह रही कि पहली बार बजट रविवार के दिन पेश किया गया। अपने भाषण में वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार का फोकस तेज आर्थिक विकास, आत्मनिर्भर भारत और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने पर है।
आर्थिक विकास और सुधारों पर जोर
बजट में सार्वजनिक निवेश को बढ़ाने, संरचनात्मक सुधारों को आगे ले जाने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने की बात कही गई है। सरकार ने घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और जरूरी आयात पर निर्भरता कम करने के लिए कई कदम सुझाए हैं। वित्त मंत्री के अनुसार, इन नीतियों की वजह से भारत ने लगभग 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है और गरीबी कम करने में भी अहम प्रगति हुई है।
छह बड़े क्षेत्रों में विकास की योजना
बजट 2026-27 में छह प्रमुख क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया गया है। इनमें विनिर्माण को बढ़ावा, एमएसएमई को मजबूत करना, बुनियादी ढांचे का विकास, शहरों को आर्थिक केंद्र बनाना, दीर्घकालीन सुरक्षा और स्थिरता तथा पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन शामिल है। इसके तहत मेगा टेक्सटाइल पार्क, 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई विकास फंड और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसी योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन को नई रफ्तार
सरकार ने पर्यावरण के अनुकूल विकास को ध्यान में रखते हुए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है, जो प्रमुख शहरों को जोड़ेंगे। इसके अलावा नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जलमार्गों का विस्तार और बंदरगाहों से औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने की योजनाएं भी बजट का हिस्सा हैं। इन कदमों से रोजगार बढ़ने और लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की उम्मीद है।
टेक्नोलॉजी, AI और डिजिटल पहल
बजट में टेक्नोलॉजी को भविष्य की ताकत बताया गया है। ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’, बायो-फार्मा शक्ति योजना और AI आधारित कृषि टूल ‘भारत विस्तार’ जैसी पहलों की घोषणा की गई है। सरकार चाहती है कि AI, हेल्थ, शिक्षा, खेती और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाए।
कर सुधार और करदाताओं को राहत
टैक्स सुधारों में छोटे करदाताओं के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया गया है। रिटर्न संशोधन की समयसीमा बढ़ाई गई है और TCS की दरों में कटौती की गई है, खासकर शिक्षा, चिकित्सा और विदेश यात्रा से जुड़े मामलों में। इससे मध्यम वर्ग और छात्रों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल पर फोकस
स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट का प्रस्ताव रखा गया है। शिक्षा के लिए नए संस्थान, विश्वविद्यालय टाउनशिप और हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना है। खेलों को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ते हुए ‘खेलो इंडिया मिशन’ को और मजबूत किया जाएगा।
मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भरता
रक्षा, परमाणु ऊर्जा, लिथियम-आयन बैटरी, सोलर ग्लास और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में कस्टम ड्यूटी छूट देकर घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही गई है। सरकार का लक्ष्य है कि भारत वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत भूमिका निभाए।
विकसित भारत 2047 की दिशा में कदम
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट का उद्देश्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन को आगे बढ़ाना है। आत्मनिर्भरता, समावेशिता और स्थिर विकास के संतुलन के साथ भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ेगा।