चंडीगढ़ नगर निगम को नया मेयर मिल गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सौरव जोशी को गुरुवार को हुए मतदान में चंडीगढ़ का नया मेयर चुना गया। इस बार का चुनाव कई मायनों में खास रहा, क्योंकि 1996 के बाद पहली बार मेयर चुनाव में हाथ उठाकर मतदान कराया गया।
हाथ उठाकर हुआ ऐतिहासिक मतदान
पिछले साल हुए विवादों से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मतदान की प्रक्रिया बदली। बैलेट पेपर की जगह पार्षदों ने हाथ उठाकर और मौखिक रूप से अपने मत दिए। मतदान की पूरी प्रक्रिया की निगरानी पीठासीन अधिकारी रमनीक सिंह बेदी ने की।
तीन दल, कोई गठबंधन नहीं
नगर निगम हाउस में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए वोटिंग हुई। इस चुनाव में BJP, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस—तीनों ने बिना किसी गठबंधन के अपने-अपने उम्मीदवार उतारे। जीत के लिए 19 वोटों की जरूरत थी।
वोटों का गणित
मतदान के नतीजों में BJP के सौरव जोशी को 18 वोट मिले। AAP के उम्मीदवार योगेश ढींगरा को 11 वोट, जबकि कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गब्बी को 7 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस के वोटों में 6 पार्षदों के साथ सांसद मनीष तिवारी का वोट भी शामिल था। हालांकि किसी भी उम्मीदवार को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में सबसे ज्यादा वोट मिलने के कारण सौरव जोशी को विजेता घोषित किया गया।
दस्तावेजों पर किए हस्ताक्षर
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मतदान के बाद सभी पार्षदों ने अपने मत की पुष्टि करते हुए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए। इससे प्रक्रिया को और मजबूत बनाया गया।
मनीष तिवारी की मौजूदगी
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी विशेष रूप से सदन में पहुंचे और मतदान किया। वोटिंग से पहले उन्होंने अपनी पार्टी के पार्षदों से मुलाकात कर उनका हौसला भी बढ़ाया।
सख्त SOP से बढ़ी पारदर्शिता
पीठासीन अधिकारी रमनीक सिंह बेदी ने चुनाव के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। प्रशासन का कहना है कि इस नई व्यवस्था से चुनाव प्रक्रिया ज्यादा साफ और भरोसेमंद बनी।