पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लिए मान सरकार ने एक बार फिर कमर कस ली है। ‘वॉर अगेंस्ट ड्रग्स 2.0’ के तहत सरकार ने साफ संदेश दिया है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के लिए अब कोई जगह नहीं है। इस अभियान का मकसद सिर्फ तस्करों पर कार्रवाई नहीं, बल्कि जड़ों से नशे की समस्या को खत्म करना है।
तस्करों पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने ड्रग तस्करों के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। अवैध कमाई से बनाए गए ठिकानों पर बुलडोजर चलाया गया है, जिससे साफ हो गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं। इन कार्रवाइयों से न सिर्फ नशे के नेटवर्क पर चोट पड़ी है, बल्कि आम लोगों में भी भरोसा बढ़ा है कि राज्य सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ रहा है।
जनता की भागीदारी जरूरी
सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई अकेले प्रशासन नहीं जीत सकता। इसी वजह से लोगों से अपील की गई है कि वे ‘गांवों के रखवाले’ बनें और अपने आसपास नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएं। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देना और युवाओं को सही दिशा दिखाना इस अभियान का अहम हिस्सा है।
नशा-मुक्त पंजाब की ओर कदम
मान सरकार का लक्ष्य एक ऐसा पंजाब बनाना है जहां युवा सुरक्षित हों और भविष्य उज्ज्वल हो। नशे के खिलाफ यह मुहिम सिर्फ कानून की नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। #युद्धनशेविरुद्ध के साथ पंजाब एक नई शुरुआत की ओर बढ़ रहा है।