चंडीगढ़ में सार्वजनिक परिवहन को भविष्य के अनुरूप बनाने की शुरुआत हो चुकी है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) ने घोषणा की है कि 2010 में JNNURM योजना के तहत खरीदी गई 100 बसों में से 85 बसें, जिन्होंने 15 साल की तय समय सीमा पूरी कर ली है, को 19 नवंबर 2025 से चरणबद्ध तरीके से सड़क से हटाया जाएगा। यह पूरा कदम केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप है।
ई-बसों के बेड़े से बदलेगी चंडीगढ़ की तस्वीर
CTU के अनुसार, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 100 नई इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी मिल चुकी है और इन्हें चलाने के लिए ऑपरेटर के साथ समझौता भी किया जा चुका है। फिलहाल प्रोटोटाइप ई-बस की तकनीकी जांच और रेंज टेस्टिंग जारी है।
नए ई-बस बेड़े की डिलीवरी इस प्रकार तय की गई है—
- नवंबर 2025 के अंत तक: 25 ई-बसें
- दिसंबर 2025 के अंत तक: 25 और ई-बसें
- जनवरी–फरवरी 2026: शेष 50 ई-बसें
इन बसों के आने से चंडीगढ़ की बस सेवाएं प्रदूषण रहित, तकनीकी रूप से उन्नत और यात्रियों के लिए अधिक आरामदायक हो जाएंगी।
पुरानी बसें हटेंगी पर सेवा पर असर नहीं होगा
CTU ने बताया कि पुरानी बसों को हटाने के बावजूद यात्रियों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए कई वैकल्पिक इंतज़ाम किए गए हैं।
इनमें शामिल हैं—
- लंबी दूरी पर चलने वाली नॉन-एसी बसों के रूट बदले गए हैं, ताकि सिटी बस सेवा सुचारू बनी रहे।
- लंबे रूटों पर कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए पड़ोसी राज्यों के परिवहन विभागों की सेवाएं भी इस्तेमाल की जाएंगी।
CTU का कहना है कि ट्राइसिटी के किसी भी रूट पर रोज़ चलने वाली सिटी बसों को बंद नहीं किया जाएगा। सभी सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
“यात्री सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता”
CTU के डायरेक्टर प्रदुमन सिंह ने बताया कि परिवर्तन की यह प्रक्रिया पूरी तरह योजनाबद्ध और यात्री-केन्द्रित है। उन्होंने कहा,
“हमारा मकसद यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है। पुरानी बसें हट रही हैं, लेकिन किसी भी रूट में बाधा नहीं आने दी जाएगी।”
नई इलेक्ट्रिक बसों के आने के बाद चंडीगढ़ का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम एक नए दौर में प्रवेश करेगा।